जिस तरह आपका मोबाइल नंबर अपना एक कंपन रखता है, वैसे ही आपकी जन्म तारीख भी अंक शास्त्र में एक मूल अंक दिखाती है। बहुत से लोग पूछते हैं कि जन्म तारीख के हिसाब से मोबाइल नंबर कैसे चुनें, ताकि उनका नंबर उनकी ऊर्जा के साथ मेल खाए। इस लेख में हम यह तरीका स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे।
जन्म तारीख से मूल अंक कैसे निकालें
आपका मूल अंक सिर्फ़ जन्म तारीख के दिन से निकलता है, महीने और साल से नहीं। अगर दो-अंक की तारीख हो, तो उसे जोड़कर एक सिंगल अंक बनालें।
- अपनी जन्म तारीख का दिन देखें, जैसे 23।
- अगर दो अंक हैं, तो उन्हें जोड़ दें: 2 + 3 = 5।
- यही अंक, 5, आपका मूल अंक है।
- अगर जन्म 1, 2, 3 आदि तारीख को हुआ है जो पहले से सिंगल अंक है, तो वही आपका मूल अंक है।
मोबाइल नंबर को जन्म तारीख से मिलाने का कॉन्सेप्ट
अंक शास्त्र के अनुसार, जब आपके मोबाइल नंबर का टोटल आपके मूल अंक के साथ मेल खाता है, तो आपकी रोज़मर्रा की ऊर्जा और आपकी जन्मजात ऊर्जा के बीच एक बेहतर तालमेल बन सकता है। इसके उलट, अगर मोबाइल नंबर का टोटल मूल अंक से बिल्कुल विपरीत ऊर्जा दिखाए, तो कभी-कभी एक अजीब सा घर्षण महसूस हो सकता है। यह कोई वैग्यानिक नियम नहीं, बल्कि एक परंपरागत मान्यता है जिसे लोग अपने फैसलों में एक एक्सट्रा गाइड की तरह इस्तेमाल करते हैं।
मूल अंक के हिसाब से अच्छे मोबाइल नंबर टोटल
आम तौर पर लोग अपने मूल अंक से मिलता-जुलता टोटल ही चुनते हैं, क्योंकि माना जाता है कि एक जैसी ऊर्जा के दो स्रोत मिलने पर संतुलन बनाए रखते हैं।
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी व्यक्ति की जन्म तारीख 14 है। उनका मूल अंक होगा 1 + 4 = 5। अब अगर उनका मोबाइल नंबर का टोटल भी 5 या 1 के आस-पास आता है, तो अंक शास्त्र के हिसाब से यह एक अच्छा मेल माना जा सकता है, क्योंकि दोनों ही बदलाव और नए मौकों की ऊर्जा से जुड़े होते हैं।
ध्यान रखने वाली बातें
मोबाइल नंबर जन्म तारीख के हिसाब से चुनना एक सोच-समझकर लिया गया फैसला हो सकता है, लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि अंक शास्त्र एक मार्गदर्शक नजरिया है, कोई पक्का फॉर्मूला नहीं। इससे आप अपने फैसलों में थोड़ी और जागरूकता ज़रूर ला सकते हैं।